देवरे देवरे मोरी घागरीया लालसे । मैं बोलुंगी जशोदा मायछें ॥१॥

हाम रहीन दसे नामछे । तारी भीद नहीं मारो कामछे ॥२॥

आकर पकरीयो मोरे आंगछे । मैं लाजे न आइगे मा अवछो ॥३॥

एका जनार्दनी तोरे पुत्रनें हामछे । फजितीन मानली आइछे ॥४॥