मैं ज्यावगी छोरकर तोरे गांवाछे । तूं खोरी मतकर मोरे लालछे ॥१॥
मोरे घर तूं आकर लालछे । माखन चुरावत आपणे हातछे ॥२॥
मैं कहँगी तोरे मातछे । किसननें चोरी करी मोरी घरछे ॥ ३॥
कहे एका जनार्दनी लालछे । चरण पकरु मो तुमछे ॥४॥
मैं ज्यावगी छोरकर तोरे गांवाछे । तूं खोरी मतकर मोरे लालछे ॥१॥
मोरे घर तूं आकर लालछे । माखन चुरावत आपणे हातछे ॥२॥
मैं कहँगी तोरे मातछे । किसननें चोरी करी मोरी घरछे ॥ ३॥
कहे एका जनार्दनी लालछे । चरण पकरु मो तुमछे ॥४॥