एका घरीं द्वारपाळ । एक घरीं होय बाळ ॥१॥
एका घरीं करी चोरी । एका घरें होय भिकारी ॥२॥
एका घरीं युद्ध करी । एका घरी पूजा बरी ॥३॥
एका घरीं खाय फळें । एका घरीं लोणी बळें ॥४॥
एका एकपणें एकला । एका जनार्दनीं प्रकाशला ॥५॥