वेदांत सिद्धांत पाहतां खटपट । वाउगा बोभाट नामविण ॥१॥
नामें होय भुक्ति नामें होय मुक्ति । नामें वैकुंठप्राप्ति सर्व जीवां ॥२॥
नामेंचि तरले नारदादि योगी । नाम पावन जगीं कीर्ति नामें ॥३॥
एका जनार्दनीं तारक हें नाम । भावसिंधु धाम उतरी नाम ॥४॥